पीपीएफ अकाउंट की पूरी जानकारी | PPF Account Kya Hai in Hindi

By | November 24, 2021

पीपीएफ स्कीम क्या है? What is PPF Scheme

पीपीएफ अकाउंट की पूरी जानकारी | PPF Account Kya Hai in Hindi [Updated 2020]
पीपीएफ स्कीम क्या है? What is PPF Scheme


  पीपीएफ अकाउंट की जानकारी – सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाता भारत सरकार द्वारा समर्थित लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश विकल्प है जो आकर्षक ब्याज दर और कर से पूरी तरह छूट प्राप् प्रतिफलों के साथ सुरक्षा प्रदान करता है। निवेशक एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम रु. 500 और अधिकतम रु. 1,50,000 निवेश कर सकते हैं और ऋण, आहरण और खाते का विस्तार जैसी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।


सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाता खोलने के लिए पात्रता:-

सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाता खोलने के लिए पात्रता:-
 
PPF से जुड़ी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे देश का कोई भी नागरिक खुलवा सकता है। चाहे आप serviceman हों, businessman हो या किसान, इसमें अपना account खोल सकते हैं। यहां तक कि इसमें age limit का भी कोई बंधन नहीं है। आप अपने बच्चे के लिए भी PPF Account खुलवा सकते हैं।
कोई भी व्यक्ति अपने नाम से एक पीपीएफ खाता खुलवा सकता है. यह पीपीएफ खाता के फार्म भरते समय इस बात की जानकारी भी देनी होगी कि आपके पास पहले से कोई पीपीएफ खाता है.
अगर आपका पोस्टऑफिस में पीपीएफ खाता है तो आप पोस्ट ऑफिस में दूसरा खाता नहीं खुलवा सकते हैं. इसकी तरह पोस्ट ऑफिस में खाता है तो बैंक की शाखा में दूसरा खाता नहीं खुलवा सकते हैं.
अगर आपने गलती से दो खाता खुलवा लिया है तो दूसरा खाता अमान्य माना जाएगा और उस खाते पर जमा राशि पर कोई ब्याज भी नहीं मिलेगा.

एनआरआई नहीं खोल सकते पीपीएफ एकाउंटNRI Cannot Open PPF Account

 

NRI यानी अनिवासी भारतीय को पीपीएफ एकाउंट खुलवाने की सुविधा नहीं है।

लेकिन, अगर आपने भारत का citizen रहते हुए PPF Account खुलवाया था तो उसे आप अकाउंट की अवधि (15 साल) पूरी होने तक इसे continue रख सकते हैं।
NRI
के लिए पीपीएफ के नए नियम के मुताबिक खाता के 15 साल पूरा होते ही इस खाते से आप तुरंत पूरा पैसा निकालना होगा। लेकिन अगर आप पैसा नहीं निकालेंगे तो सेविंग अकाउंट के दर पर ब्याज मिलेगा।

न्यूनतम रकम नहीं जमा कर पाए तो?

ऐसा हो सकता है कि किसी साल आप अपने पीपीएफ अकाउंट में न्यूनतम पांच सौ रुपए नहीं जमा कर पाते हैं। ऐसी स्थिति में आपका पीपीएफ खाता इनएक्टिव हो जाएगा। इसे एक्टिव कराने के लिए आपको छूटे हुए साल के लिए कम से कम पांच सौ रुपए जमा करने होंगे
इतना ही नहीं आपको हर एक साल की देरी के लिए पचास रुपए की पेनाल्टी भी जमा करनी होगी। इसके बाद ही आपका खाता फिर से एक्टिव होगा।
हालांकि खाता इनएक्टिव होने के बावजूद आपकी जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा। उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

पीपीएफ अकाउंट लॉक इन पीरियड | Maturity of PPF Scheme

पीपीएफ स्कीम की मैच्योरिटी का वक्त बहुत लंबा होता है। इस स्कीम में खाता खुलवाने के 15 साल बाद पैसा वापस मिलता है।

इंश्योरेंस और पेंशन स्कीम के अलावा शायद ही कोई स्कीम हो जो इतने सालों बाद मैच्योर होती हो। लेकिन सरकार ने जानबूझकर लंबा lock-in period रखा है। क्योंकि इस स्कीम का मकसद ही रिटायरमेंट के लिए पैसा जुटाना है। लंबी अवधि होने की वजह से इसका पैसा गैरजरूरी चीजों पर खर्च नहीं होता है।
पीपीएफ की 15 साल की अवधि के दौरान आपको हर साल पैसा जमा करना होता है। वैसे अगर बीच में अगर आपको पैसे की जरूरत है तो आप पीपीएफ अकाउंट से लोन ले सकते हैं। इतना ही नहीं सात साल बाद आपको आंशिक निकासी की भी सुविधा मिल जाती है। लोन और आंशिक निकासी के नियमों के बारे में हम आगे आपको बताएंगे।
पीपीएफ खाते का अवधि विस्तार | PPF Account Extension

वैसे तो पीपीएफ खाता पन्द्रह साल में मैच्योर हो जाता है लेकिन सुकन्या स्कीम के तरह मैच्योरिटी के बाद पैसा निकालने की मजबूरी नहीं है। आप अपने खाते को अगले पांच साल के लिए फिर बढ़ा सकते हैं। ये वाले पांच साल खत्म हो जाए तो आगे आप फिर अपने खाते को पांच साल के ब्लॉक के लिए एक्सटेंड कर सकते हैं। ये सिलसिला पूरी उम्र चल सकता है।
पीपीएफ के एक्सटेंशन के दौरान भी आपको पहले की तरह ब्याज मिलता रहेगा। खाते में पांच साल का लॉक इन भी होगा लेकिन ये नए इन्वेस्टमेंट पर ही लागू होगा। पहले से जमा पैसे को आप बेझिझक निकाल सकते हैं।

वैसे आप चाहें तो बिना कोई नई रकम जमा किए भी पीपीएफ अकाउंट को आगे बढ़ाते रह सकते हैं। लेकिन टैक्स डिडक्शन का फायदा तभी मिलेगी जब आप अपने खाते को डिपॉजिट की शर्त के साथ आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में आपकी जमा रकम पर टैक्स छूट मिल जाएगी।

Maturiy के बाद एक साल की अवधि पूरी होने के पहले ही Form H भरने पर आपको खाते की अवधि पांच साल की बढ़ाने की सुविधा मिल सकती है। इसके आगे भी आप अवधि बढ़वाना चाहें तो हर पांच साल बाद Form H भरना होगा।

लेकिन अगर आप कोई फॉर्म नहीं भरते हैं तो खाते को अपने आप एक्सटेंड कर दिया जाएगा। लेकिन आप उसमें कोई नया पैसा नहीं जमा कर सकेंगे।

पीपीएफ की ब्याज दर और इसकी गणना | ( पीपीएफ अकाउंट की जानकारी )
PPF Rate of interest

ब्याज दर और इसकी गणना |

पीपीएफ सरकारी स्कीम है और सरकार इस पर दरियादिली से ब्याज देती है। और इसीलिए पीपीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट से काफी ज्यादा होती है। इस वक्त बैंक एफडी पर 6% से करीब इन्ट्रेस्ट रेट मिल रहा है। लेकिन वहीं पीपीएफ की ब्याज दर 7.1% है।
वैसे सरकार हर तीन महीने बाद पीपीएफ के ब्याज दर की समीक्षा करती है। लेकिन आमतौर कोशिश होती है कि इसके रेट को आकर्षक रखा जाए।
पीपीएफ खाते का इन्ट्रेस्ट कैलकुलेशन वित्त वर्ष के अंत में होता है। यानी हर साल इकतीस मार्च को ब्याज की गणना करके उसे आपके बैलेंस में जोड़ा जाता है। हालांकि ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है। देखा जाता है कि किसी महीने की पांच तारीख से लेकर आखिरी दिन के बीच खाते में न्यूनतम पैसा कितना था। उसी रकम पर ब्याज कैलकुलेट किया जाता है।
इसलिए अगर आप किसी महीने में पांच तारीख तक पैसा जमा कर देंगे उस जमा पर ब्याज उसी महीने मिल जाएगा। लेकिन पांच तारीख के बाद जमा करने पर ब्याज अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।
पीपीएफ आपकी social security से जुड़ी scheme है और सरकार इसे बढ़ावा देना चाहती है। इसलिए, सरकार इस योजना पर कई तरह के tax benefit देती है।
जमा पर टैक्स छूट

सेक्शन 80C के तहत आप हर साल जितनी भी रकम पीपीएफ खाते में डालते हैं उतनी रकम आपके टैक्सेबल इनकम से घटा दी जाती है। इस तरह से पीपीएफ आपको tax deduction का फायदा देता है। इस नियम के तहत हर साल आप अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक के जमा पर टैक्स छूट पा सकते हैं।
ब्याज पर टैक्स नहीं
पीपीएफ खाते में जमा रकम पर आप हर साल ब्याज पाते हैं। लेकिन इस ब्याज को आपकी सालाना Taxable Income में नहीं जोड़ा जाता है। यानी पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है। वहीं दूसरी तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज टैक्सेबल होता है।


मैच्योरिटी की रकम टैक्सफ्री

पीपीएफ खाता मैच्योर होने पर जब भी आप पैसा निकालते हैं वो भी पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। ये पैसा लाखों में हो सकता है। लेकिन इस पर टैक्स नहीं लगेगा।
 

नाबालिग के नाम खाता खुल सकता है

माता या पिता अपने बच्चे के नाम से खाता खुलवा सकते हैं. माता औऱ पिता दोनों बच्चे के नाम अलगअलग खाता खुलवा सकते हैं. अगर पिता नहीं हैं तो मां भी बच्चे के नाम से खाता खुलवा सकती है. हर बच्चें के नाम से अलगअलग पीपीएफ खाते खुलवाये जा सकते हैं.
अगर बच्चे के मातापिता जीवित हैं तो बच्चे के दादा या नाना बच्चे के नाम से पीपीएफ खाता खुलवाने की अनुमति नहीं है. मातापिता के रहने पर ही अगर दादादादी या नानानानी बच्चे के कानूनी अभिवावक हैं तो पीपीफ खाता खुलवा सकते हैं.

पांच साल के ब्लॉक में खाते को चालू रखने की प्रक्रिया क्या है?

इस मामले में आपको खाते के मैच्योर होने के एक साल के भीतर एक निर्धारित फॉर्म में बैंक/पोस्ट ऑफिस को लिखित में सूचना देने की जरूरत होती है. आप बिना किसी नए कॉन्ट्रिब्यूशन के जमा रकम के साथ खाते को चालू रख सकते हैं.

दूसरा विकल्प यह है कि आप निवेश करते हुए ऐसे डिपॉजिट पर टैक्स डिडक्शन का फायदा उठाते रहें. मैच्योरिटी के बाद पांच साल का एक ब्लॉक पूरा हो जाने पर खाते को और पांच वर्ष के लिए चालू रखा जा सकता है. इस क्रम को जब तक चाहें चला सकते हैं. अकाउंट जब तक बंद नहीं किया जाता है, तब तक इससे ब्याज आय होती रहेगी.

किन बातों का रखें ध्यान

बातों का रखें ध्यान

कर्ज वसूलने के लिए किसी व्यक्ति का पीपीएफ खाता जब्त नहीं किया जा सकता है. कोर्ट भी पीपीएफ खाते की रकम से कर्ज का भुगतान करने के लिए नहीं कह सकता है.
खाते के पहले 15 साल के दौरान 7वें साल से कुछ शर्तों के साथ आंशिक भुगतान संभव है.



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4 thoughts on “पीपीएफ अकाउंट की पूरी जानकारी | PPF Account Kya Hai in Hindi

  1. Unknown

    apne bahut achi jaankari di hai PPF account k bare mai.
    mai is article ko apne dosto aur family members k sath share karunga.
    agar kaisi bank ka IFSC code search karna ho to ap log is simple si website ka use kar sakte hai isme sara data updated aur fsat hota hai .
    http://www.ifscdekho.com

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